अन्वयः
एवम् thus, उक्त: having been addressed, जनक: Janaka, महामुनिम् mighty ascetic, प्रत्युवाच replied, इह here, यदर्थम् what for, तिष्ठति deposited, अस्य this, धनुष: an account of bow, श्रूयताम् let it be heard.
Summary
Thus addressed by the mighty ascetic Janaka replied, "I shall tell you how this bow came to be deposited here".
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस् | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| जनकः | जनक (१.१) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महामुनिम् | महत्–मुनि (२.१) |
| श्रूयताम् | श्रूयताम् (√श्रु प्र.पु. एक.) |
| अस्य | इदम् (६.१) |
| धनुषो | धनुस् (६.१) |
| यद् | यद् (१.१) |
| अर्थम् | अर्थ (१.१) |
| इह | इह (अव्ययः) |
| तिष्ठति | तिष्ठति (√स्था लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त | स्तु | ज | न | कः |
| प्र | त्यु | वा | च | म | हा | मु | निम् |
| श्रू | य | ता | म | स्य | ध | नु | षो |
| य | द | र्थ | मि | ह | ति | ष्ठ | ति |