अन्वयः
धर्मात्मा righteous, विश्वामित्रस्तु Visvamitra on his part, जनकभाषितम् words of Janaka, श्रुत्वा having heard, वत्स O Child, राम O Rama, धनु: bow, पश्य see, इति saying so, राघवम् addressing Rama, अब्रवीत् spoke.
Summary
Having heard the words of Janaka, the righteous Viswamitra said: "O Child O Descendant of Raghu look at this bow".
पदच्छेदः
| विश्वामित्रस् | विश्वामित्र (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| धर्मात्मा | धर्म–आत्मन् (१.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| जनकभाषितम् | जनक–भाषित (√भाष् + क्त, २.१) |
| वत्स | वत्स (८.१) |
| राम | राम (८.१) |
| धनुः | धनुस् (२.१) |
| पश्य | पश्य (√पश् लोट् म.पु. ) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| राघवम् | राघव (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | श्वा | मि | त्र | स्तु | ध | र्मा | त्मा |
| श्रु | त्वा | ज | न | क | भा | षि | तम् |
| व | त्स | रा | म | ध | नुः | प | श्य |
| इ | ति | रा | घ | व | म | ब्र | वीत् |