अन्वयः
ब्रह्मन् O Brahmarshi, इह now, इदम् धनुर्वरम् this excellent bow, पाणिना with hand, संस्पृशामि I shall touch, तोलने in raising (weighing ), पूरणेऽपि वा to string it, यत्नवान् भविष्यामि I shall endeavour.
Summary
"O Brahmarshi, shall I touch this great bow with my hands lift and string it".
पदच्छेदः
| इदं | इदम् (२.१) |
| धनुर्वरं | धनुस्–वर (२.१) |
| ब्रह्मन् | ब्रह्मन् (८.१) |
| संस्पृशामीह | संस्पृशामि (√सम्-स्पृश् लट् उ.पु. )–इह (अव्ययः) |
| पाणिना | पाणि (३.१) |
| यत्नवांश् | यत्नवत् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| भविष्यामि | भविष्यामि (√भू लृट् उ.पु. ) |
| तोलने | तोलन (७.१) |
| पूरणे | पूरण (७.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| वा | वा (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | दं | ध | नु | र्व | रं | ब्र | ह्म |
| न्सं | स्पृ | शा | मी | ह | पा | णि | ना |
| य | त्न | वां | श्च | भ | वि | ष्या | मि |
| तो | ल | ने | पू | र | णे | ऽपि | वा |