अन्वयः
मे my, सुता daughter, सीता Sita, दशरथात्मजम् son of Dasaratha, रामम् Rama, भर्तारम् as husband, आसाद्य after obtaining, जनकानाम् of Janaka's, कुले dynastry, कीर्तिम् glory, आहरिष्यति will bring.
Summary
By receiving Rama, son of Dasaratha, as her husband, my daughter Sita will bring glory to my dynasty.
पदच्छेदः
| जनकानां | जनक (६.३) |
| कुले | कुल (७.१) |
| कीर्तिम् | कीर्ति (२.१) |
| आहरिष्यति | आहरिष्यति (√आ-हृ लृट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
| सुता | सुता (१.१) |
| सीता | सीता (१.१) |
| भर्तारम् | भर्तृ (२.१) |
| आसाद्य | आसाद्य (√आ-सादय् + ल्यप्) |
| रामं | राम (२.१) |
| दशरथात्मजम् | दशरथ–आत्मज (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज | न | का | नां | कु | ले | की | र्ति |
| मा | ह | रि | ष्य | ति | मे | सु | ता |
| सी | ता | भ | र्ता | र | मा | सा | द्य |
| रा | मं | द | श | र | था | त्म | जम् |