अन्वयः
असौ this, कौसल्यानन्दवर्धन: enhancing the joy of Kausalya, कुशिकपुत्रेण by the son of Kusika, Visvamitra, गुप्त: protected, भ्रात्रा along with brother Lakshmana, विदेहेषु in the country of Videha, वसति living.
Summary
"The enhancer of the joy of Kausalya (Rama) along with hs brother Lakshmana under the protection of Viswamitra is now staying in the coutry of the Videhas."
पदच्छेदः
| गुप्तः | गुप्त (√गुप् + क्त, १.१) |
| कुशिकपुत्रेण | कुशिक–पुत्र (३.१) |
| कौसल्यानन्दवर्धनः | कौसल्या–आनन्द–वर्धन (१.१) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| भ्रात्रा | भ्रातृ (३.१) |
| विदेहेषु | विदेह (७.३) |
| वसत्य् | वसति (√वस् लट् प्र.पु. एक.) |
| असौ | अदस् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| गु | प्तः | कु | शि | क | पु | त्रे | ण |
| कौ | स | ल्या | न | न्द | व | र्ध | नः |
| ल | क्ष्म | णे | न | स | ह | भ्रा | त्रा |
| वि | दे | हे | षु | व | स | त्य | सौ |