अन्वयः
सोपाध्याय: accompanied by spiritual preceptors, सबान्धव: relations, राजा दशरथ: king Dasaratha, हृष्ट: highly pleased, तत: afterwards, रात्र्याम् when the night, व्यतीतायाम् had passed, सुमन्त्रम् addressing Sumantra, इदम् this word, अब्रवीत् spoke.
Summary
With the passing of the night king Dasaratha, accompanied by spiritual preceptors and relatives said to Sumantra:
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| रात्र्यां | रात्रि (७.१) |
| व्यतीतायां | व्यतीत (√व्यति-इ + क्त, ७.१) |
| सोपाध्यायः | स (अव्ययः)–उपाध्याय (१.१) |
| सबान्धवः | स (अव्ययः)–बान्धव (१.१) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| दशरथो | दशरथ (१.१) |
| हृष्टः | हृष्ट (√हृष् + क्त, १.१) |
| सुमन्त्रम् | सुमन्त्र (२.१) |
| इदम् | इदम् (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | रा | त्र्यां | व्य | ती | ता | यां |
| सो | पा | ध्या | यः | स | बा | न्ध | वः |
| रा | जा | द | श | र | थो | हृ | ष्टः |
| सु | म | न्त्र | मि | द | म | ब्र | वीत् |