अन्वयः
प्रतिग्रह: acceptance of a gift, दातृवश: as it may please the giver, एतत् this one, पुरा formerly, मया by me, श्रुतम् heard, धर्मज्ञ O Knower of righteousness, यथा whatever, वक्ष्यसि you may say, तत् that, वयम् we, करिष्यामहे will perform.
Summary
"I have heard that acceptance of a gift from the righteous is a pleasure. So we will act upon your word".
पदच्छेदः
| प्रतिग्रहो | प्रतिग्रह (१.१) |
| दातृवशः | दातृ–वश (१.१) |
| श्रुतम् | श्रुत (√श्रु + क्त, १.१) |
| एतन् | एतद् (१.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| वक्ष्यसि | वक्ष्यसि (√वच् लृट् म.पु. ) |
| धर्मज्ञ | धर्म–ज्ञ (८.१) |
| तत् | तद् (२.१) |
| करिष्यामहे | करिष्यामहे (√कृ लृट् उ.पु. द्वि.) |
| वयम् | मद् (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्र | ति | ग्र | हो | दा | तृ | व | शः |
| श्रु | त | मे | त | न्म | या | पु | रा |
| य | था | व | क्ष्य | सि | ध | र्म | ज्ञ |
| त | त्क | रि | ष्या | म | हे | व | यम् |