अन्वयः
सत्यवादिन: truth speaking Dasaratha's, धर्मिष्ठम् च conforming to morality, यशस्यं च conducive to fame, वचनम् words, श्रुत्वा having listened, विदेहाधिपति: Janaka, परम् extreme, विस्मयम् admiration, आगत: filled with.
Summary
Janaka was filled with extreme admiration to hear one who was truthful, righteous and famous (this Dasaratha).
पदच्छेदः
| तद् | तद् (२.१) |
| धर्मिष्ठं | धर्मिष्ठ (२.१) |
| यशस्यं | यशस्य (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| सत्यवादिनः | सत्य–वादिन् (६.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| विदेहाधिपतिः | विदेह–अधिपति (१.१) |
| परं | पर (२.१) |
| विस्मयम् | विस्मय (२.१) |
| आगतः | आगत (√आ-गम् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | द्ध | र्मि | ष्ठं | य | श | स्यं | च |
| व | च | नं | स | त्य | वा | दि | नः |
| श्रु | त्वा | वि | दे | हा | धि | प | तिः |
| प | रं | वि | स्म | य | मा | ग | तः |