अन्वयः
तत: afterwards, सर्वे all, मुनिगणा: hosts of sages, परस्परसमागमे in each other's company, महता by great, हर्षेण delight, युक्ता: filled with, ताम् that, निशाम् night, सुखम् comfortably, अवसन् lived.
Summary
Thereupon hosts of sages in one another's company, filled with great delight spent the night comfortably.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| मुनिगणाः | मुनि–गण (१.३) |
| परस्परसमागमे | परस्पर–समागम (७.१) |
| हर्षेण | हर्ष (३.१) |
| महता | महत् (३.१) |
| युक्तास् | युक्त (√युज् + क्त, १.३) |
| तां | तद् (२.१) |
| निशाम् | निशा (२.१) |
| अवसन् | अवसन् (√वस् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| सुखम् | सुखम् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | स | र्वे | मु | नि | ग | णाः |
| प | र | स्प | र | स | मा | ग | मे |
| ह | र्षे | ण | म | ह | ता | यु | क्ता |
| स्तां | नि | शा | म | व | स | न्सु | खम् |