अन्वयः
राजा king Dasaratha, पुत्रौ sons, राघवौ Rama and Lakshmana, निशाम्य on beholding them, परिहर्षित: experienced supreme satisfaction, जनकेन by Janaka, सुपूजित: wellhonoured, परमप्रीत: greatly delighted, उवास lived.
Summary
The king (Dasaratha) was greatly delighted on being reunited with his sons Rama and Lakshmana. Honoured by Janaka, he spent the night with supreme satisfaction.
पदच्छेदः
| राजा | राजन् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| राघवौ | राघव (१.२) |
| पुत्रौ | पुत्र (१.२) |
| निशाम्य | निशाम्य (√नि-शामय् + ल्यप्) |
| परिहर्षितः | परिहर्षित (√परि-हर्षय् + क्त, १.१) |
| उवास | उवास (√वस् लिट् प्र.पु. एक.) |
| परमप्रीतो | परम–प्रीत (√प्री + क्त, १.१) |
| जनकेन | जनक (३.१) |
| सुपूजितः | सु (अव्ययः)–पूजित (√पूजय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | जा | च | रा | घ | वौ | पु | त्रौ |
| नि | शा | म्य | प | रि | ह | र्षि | तः |
| उ | वा | स | प | र | म | प्री | तो |
| ज | न | के | न | सु | पू | जि | तः |