अन्वयः
मान्धातु: for Mandhata, सुसन्धि: Susandhi, श्रीमान् venerable, उदपद्यत was born, सुसन्धेरपि for Susandhi, ध्रुवसन्धि: Dhruvasandhi, प्रसेनजित् Prasenajit, द्वौ two, पुत्रौ sons.
Summary
Mandhata's son was prosperous Susandhi who brought forth two sons Dhruvasandhi and Prasenajit.
पदच्छेदः
| मान्धातुस् | मान्धातृ (६.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सुतः | सुत (१.१) |
| श्रीमान् | श्रीमत् (१.१) |
| सुसंधिर् | सुसंधि (१.१) |
| उदपद्यत | उदपद्यत (√उत्-पद् लङ् प्र.पु. एक.) |
| सुसंधेर् | सुसंधि (६.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| पुत्रौ | पुत्र (१.२) |
| द्वौ | द्वि (१.२) |
| ध्रुवसंधिः | ध्रुवसंधि (१.१) |
| प्रसेनजित् | प्रसेनजित् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मा | न्धा | तु | स्तु | सु | तः | श्री | मा |
| न्सु | सं | धि | रु | द | प | द्य | त |
| सु | सं | धे | र | पि | पु | त्रौ | द्वौ |
| ध्रु | व | सं | धिः | प्र | से | न | जित् |