अन्वयः
मुनिश्रेष्ठ O Best of ascetics, नराधिपम् king, तम् that, सुधन्वानम् Sudhanva, निहत्य having killed, भ्रातरम् brother, वीरम् heroic one, कुशध्वजम् Kusadhwaja, साङ्काश्ये in Sankasya, अभ्यषिञ्चम् I have crowned.
Summary
O Best of ascetics having killed king Sudhanva, I have crowned my heroic brother Kusadhwaja in Sankasya.
पदच्छेदः
| निहत्य | निहत्य (√नि-हन् + ल्यप्) |
| तं | तद् (२.१) |
| मुनिश्रेष्ठ | मुनि–श्रेष्ठ (८.१) |
| सुधन्वानं | सुधन्वन् (२.१) |
| नराधिपम् | नराधिप (२.१) |
| सांकाश्ये | सांकाश्य (७.१) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| शूरम् | शूर (२.१) |
| अभ्यषिञ्चं | अभ्यषिञ्चम् (√अभि-सिच् लङ् उ.पु. ) |
| कुशध्वजम् | कुशध्वज (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | ह | त्य | तं | मु | नि | श्रे | ष्ठ |
| सु | ध | न्वा | नं | न | रा | धि | पम् |
| सां | का | श्ये | भ्रा | त | रं | शू | र |
| म | भ्य | षि | ञ्चं | कु | श | ध्व | जम् |