मघा ह्यद्य महाबाहो तृतीये दिवसे प्रभो ।
फल्गुन्यामुत्तरे राजंस्तस्मिन्वैवाहिकं कुरु ।
रामलक्ष्मणयोरर्थे दानं कार्यं सुखोदयम् ॥
मघा ह्यद्य महाबाहो तृतीये दिवसे प्रभो ।
फल्गुन्यामुत्तरे राजंस्तस्मिन्वैवाहिकं कुरु ।
रामलक्ष्मणयोरर्थे दानं कार्यं सुखोदयम् ॥
अन्वयः
महाबाहो O Strong armed one, प्रभो (विभो) O Lord, अद्य today, मखा हि star Makha is on the ascendent, राजन् O King, तृतीये दिवसे third day from today, फल्गुन्याम् known as Phalguni, तस्मिन् in that, उत्तरे in the star Uttara, वैवाहिकम् marriage, कुरु perform, राजन् O King, रामलक्ष्मणयो: for Rama and Lakshmana, सुखोदयम् for enjoying felicity, दानम् distribution of kine, etc, कार्यम् fit to be done.Summary
Today the star Makha is on the ascendant. O King perform the marriage on the, third day from today under UttaraPhalguni star. Gifts may be given for the happiness of Rama and Lakshmana".इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये बालकाण्डे एकसप्ततितमस्सर्ग:॥Thus ends the seventyfirst sarga of Balakanda of the holy Ramayana the first epic composed by sage Valmiki.पदच्छेदः
| मघा | मघा (१.१) |
| ह्य् | हि (अव्ययः) |
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| महाबाहो | महत्–बाहु (८.१) |
| तृतीये | तृतीय (७.१) |
| दिवसे | दिवस (७.१) |
| प्रभो | प्रभु (८.१) |
| फल्गुन्याम् | फल्गुनी (७.१) |
| उत्तरे | उत्तर (७.१) |
| राजंस् | राजन् (८.१) |
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| वैवाहिकं | वैवाहिक (२.१) |
| कुरु | कुरु (√कृ लोट् म.पु. ) |
| रामलक्ष्मणयोर् | राम–लक्ष्मण (६.२) |
| अर्थे | अर्थ (७.१) |
| दानं | दान (१.१) |
| कार्यं | कार्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| सुखोदयम् | सुख–उदय (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | घा | ह्य | द्य | म | हा | बा | हो | तृ | ती | ये | दि |
| व | से | प्र | भो | फ | ल्गु | न्या | मु | त्त | रे | रा | जं |
| स्त | स्मि | न्वै | वा | हि | कं | कु | रु | रा | म | ल | क्ष्म |
| ण | यो | र | र्थे | दा | नं | का | र्यं | सु | खो | द | यम् |