अन्वयः
इयम् this Mithila, दशरथस्य Dasaratha's, यथा as, अयोध्या पुरी Ayodhya city, मम to me, तथा so it is, प्रभुत्वे in the matter of governance, सन्देह: doubt, नास्ति not there, यथार्हम् appropriately, कर्तुम् to do, अर्हथ behoves of you.
Summary
"Dasaratha has right on the city of Ayodhya as much as I have on this. This right is unquestionable. So do whatever you think right".
पदच्छेदः
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| दशरथस्येयं | दशरथ (६.१)–इदम् (१.१) |
| तथायोध्या | तथा (अव्ययः)–अयोध्या (१.१) |
| पुरी | पुरी (१.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| प्रभुत्वे | प्रभु–त्व (७.१) |
| नासीत् | न (अव्ययः)–आसीत् (√अस् लङ् प्र.पु. एक.) |
| संदेहो | संदेह (१.१) |
| यथार्हं | यथार्ह (२.१) |
| कर्तुम् | कर्तुम् (√कृ + तुमुन्) |
| अर्हथः | अर्हथः (√अर्ह् लट् म.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | था | द | श | र | थ | स्ये | यं |
| त | था | यो | ध्या | पु | री | म | म |
| प्र | भु | त्वे | ना | स्ति | सं | दे | हो |
| य | था | र्हं | क | र्तु | म | र्ह | थ |