पदच्छेदः
| ईदृशे | ईदृश (७.१) |
| वर्तमाने | वर्तमान (√वृत् + शानच्, ७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तूर्योद्घुष्टनिनादिते | तूर्य (√तृ + क्त्वा)–उद्घुष्ट–निनादित (७.१) |
| त्रिर् | त्रिस् (अव्ययः) |
| अग्निं | अग्नि (२.१) |
| ते | तद् (१.३) |
| परिक्रम्य | परिक्रम्य (√परि-क्रम् + ल्यप्) |
| ऊहुर् | ऊहुः (√वह् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| भार्या | भार्या (२.३) |
| महौजसः | महत्–ओजस् (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ई | दृ | शे | व | र्त | मा | ने | तु |
| तू | र्यो | द्घु | ष्ट | नि | ना | दि | ते |
| त्रि | र | ग्निं | ते | प | रि | क्र | म्य |
| ऊ | हु | र्भा | र्या | म | हौ | ज | सः |