अन्वयः
अथ afterwards, राजा king, दशरथ: Dasaratha, उपस्थितम् attended, प्रियातिथिम् dear guest, दृष्ट्वा having seen, पूजार्हम् deserving the honours, परमसत्कारै: with supreme honours, समपूजयत् extended.
Summary
King Dasaratha, then accorded a warm welcome to the honoured guest.
पदच्छेदः
| अथ | अथ (अव्ययः) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| दशरथः | दशरथ (१.१) |
| प्रियातिथिम् | प्रिय–अतिथि (२.१) |
| उपस्थितम् | उपस्थित (√उप-स्था + क्त, २.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| परमसत्कारैः | परम–सत्कार (३.३) |
| पूजार्हं | पूजा–अर्ह (२.१) |
| समपूजयत् | समपूजयत् (√सम्-पूजय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | थ | रा | जा | द | श | र | थः |
| प्रि | या | ति | थि | मु | प | स्थि | म |
| दृ | ष्ट्वा | प | र | म | स | त्का | रैः |
| पू | जा | र्हं | स | म | पू | ज | यत् |