पदच्छेदः
| स्कन्धे | स्कन्ध (७.१) |
| चासज्य | च (अव्ययः)–आसज्य (√आ-सञ्ज् + ल्यप्) |
| परशुं | परशु (२.१) |
| धनुर् | धनुस् (२.१) |
| विद्युद्गणोपमम् | विद्युत्–गण–उपम (२.१) |
| प्रगृह्य | प्रगृह्य (√प्र-ग्रह् + ल्यप्) |
| शरमुख्यं | शर–मुख्य (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| त्रिपुरघ्नं | त्रिपुर–घ्न (२.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| हरम् | हर (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्क | न्धे | चा | स | ज्य | प | र | शुं |
| ध | नु | र्वि | द्यु | द्ग | णो | प | मम् |
| प्र | गृ | ह्य | श | र | मु | ख्यं | च |
| त्रि | पु | र | घ्नं | य | था | ह | रम् |