अन्वयः
दाशरथे son of Dasaratha, राम O Rama, राम O Rama, ते your, वीर्यम् prowess, अद्भुतम् marvellous, श्रूयते is being heard, धनुष: bow's, भेदनं चैव breaking also, निखिलेन completely, मया by me, श्रुतम् heard.
Summary
"O Rama, Rama, son of Dasaratha I have heard in full of your marvellous prowess and your feat in breaking the bow of Siva.
पदच्छेदः
| राम | राम (८.१) |
| दाशरथे | दाशरथि (८.१) |
| वीर | वीर (८.१) |
| वीर्यं | वीर्य (१.१) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| श्रूयते | श्रूयते (√श्रु प्र.पु. एक.) |
| ऽद्भुतम् | अद्भुत (१.१) |
| धनुषो | धनुस् (६.१) |
| भेदनं | भेदन (१.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| निखिलेन | निखिलेन (अव्ययः) |
| मया | मद् (३.१) |
| श्रुतम् | श्रुत (√श्रु + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | म | दा | श | र | थे | वी | र |
| वी | र्यं | ते | श्रू | य | ते | ऽधु | तम् |
| ध | नु | षो | भे | द | नं | चै | व |
| नि | खि | ले | न | म | या | श्रु | तम् |