अन्वयः
सङ्कृद्ध: enraged, महायशा: renowned, रुद्रस्तु Siva, विदेहेषु in the country of Videha, ससायकम् together with arrow, धनु: bow, राजर्षे: to the royal saint, देवरातस्य devarata's, हस्ते hands, ददौ gave.
Summary
Glorious Siva, enraged at this, placed the bow together with the arrow in the hands of Rajarshi Devarata in the country of Videha.
पदच्छेदः
| धनू | धनुस् (२.१) |
| रुद्रस् | रुद्र (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| संक्रुद्धो | संक्रुद्ध (√सम्-क्रुध् + क्त, १.१) |
| विदेहेषु | विदेह (७.३) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
| देवरातस्य | देवरात (६.१) |
| राजर्षेर् | राजर्षि (६.१) |
| ददौ | ददौ (√दा लिट् प्र.पु. एक.) |
| हस्ते | हस्त (७.१) |
| ससायकम् | स (अव्ययः)–सायक (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ध | नू | रु | द्र | स्तु | सं | क्रु | द्धो |
| वि | दे | हे | षु | म | हा | य | शाः |
| दे | व | रा | त | स्य | रा | ज | र्षे |
| र्द | दौ | ह | स्ते | स | सा | य | कम् |