अन्वयः
क्षत्ररोषात् from anger against kshatriyas, प्रशान्त: quietened, ब्राह्मण: brahmana, महायशा: highly renowned, बालानाम् of young boys, मम my, पुत्राणाम् sons, अभयम् assurance of security, दातुम् to give, अर्हसि behoves of you.
Summary
"You are a brahmana, highly renowned and withdrawn from anger against kshatriyas. It behoves of you to give assurance of security to my sons who are young.
पदच्छेदः
| क्षत्ररोषात् | क्षत्र–रोष (५.१) |
| प्रशान्तस् | प्रशान्त (√प्र-शम् + क्त, १.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| ब्राह्मणस्य | ब्राह्मण (६.१) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
| बालानां | बाल (६.३) |
| मम | मद् (६.१) |
| पुत्राणाम् | पुत्र (६.३) |
| अभयं | अभय (२.१) |
| दातुम् | दातुम् (√दा + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क्ष | त्र | रो | षा | त्प्र | शा | न्त | स्त्वं |
| ब्रा | ह्म | ण | स्य | म | हा | य | शाः |
| बा | ला | नां | म | म | पु | त्रा | णा |
| म | भ | यं | दा | तु | म | र्ह | सि |