अन्वयः
भार्गव O Bhrigu's son, Parasurama, यत् which, कर्म acts, कृतवानसि you have done, श्रुतवान् अस्मि I have listened, ब्रह्मन् O Brahman, पितुः to your father, आनृण्यम् repaying the debt, आस्थितम् obtained, अनुरुन्ध्यामहे we will commend.
Summary
"O Descendant of Bhrigu I have listened to the (marvellous) acts you have performed. O Brahman I commend you for discharging your duty in repaying the debt to your father.
पदच्छेदः
| श्रुतवान् | श्रुतवत् (√श्रु + क्तवतु, १.१) |
| अस्मि | अस्मि (√अस् लट् उ.पु. ) |
| यत् | यद् (२.१) |
| कर्म | कर्मन् (२.१) |
| कृतवान् | कृतवत् (√कृ + क्तवतु, १.१) |
| असि | असि (√अस् लट् म.पु. ) |
| भार्गव | भार्गव (८.१) |
| अनुरुध्यामहे | अनुरुध्यामहे (√अनु-रुध् उ.पु. द्वि.) |
| ब्रह्मन् | ब्रह्मन् (८.१) |
| पितुर् | पितृ (६.१) |
| आनृण्यम् | आनृण्य (२.१) |
| आस्थितः | आस्थित (√आ-स्था + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श्रु | त | वा | न | स्मि | य | त्क | र्म |
| कृ | त | वा | न | सि | भा | र्ग | व |
| अ | नु | रु | न्ध्या | म | हे | ब्र | ह्म |
| न्पि | तु | रा | नृ | ण्य | मा | स्थि | तः |