अन्वयः
राम O Parasurama, ते your, इमाम् this, पादगतिम् movement of your feet, तपोबलसमार्जिताम् earned through asceteic energy, अप्रतिमान् incomparable, लोकान् वा worlds, हनिष्यामि I shall destroy, यत् whichever, इच्छसि you are desiring, tell me.
Summary
I shall destroy your mobility, O Parasurama or the higher worlds earned through your matchless asceteic energy. Tell me which one you choose.
पदच्छेदः
| इमां | इदम् (२.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| त्वद्गतिं | त्वद्–गति (२.१) |
| राम | राम (८.१) |
| तपोबलसमार्जितान् | तपस्–बल–सम–अर्जित (√अर्जय् + क्त, २.३) |
| लोकान् | लोक (२.३) |
| अप्रतिमान् | अप्रतिम (२.३) |
| वापि | वा (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| हनिष्यामि | हनिष्यामि (√हन् लृट् उ.पु. ) |
| यद् | यत् (अव्ययः) |
| इच्छसि | इच्छसि (√इष् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | मां | वा | त्व | द्ग | तिं | रा | म |
| त | पो | ब | ल | स | मा | र्जि | तान् |
| लो | का | न | प्र | ति | मा | न्वा | पि |
| ह | नि | ष्या | मि | य | दि | च्छ | सि |