अन्वयः
मनस्वी the sensitive one, रामस्तु Rama, तद्गत: fixing his mind on Sita, तस्या: her, हृदि heart, नित्यम् always, समर्पित: dedicating, सीतया सार्धम् with Sita, बहून् many, ऋतून् seasons, विजहार went.
Summary
With his heart fixed on Sita to whom he was always devoted, Rama, the wise went about enjoying with her (the beauty of) all the seasons.
पदच्छेदः
| रामस् | राम (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सीतया | सीता (३.१) |
| सार्धं | सार्धम् (अव्ययः) |
| विजहार | विजहार (√वि-हृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| बहून् | बहु (२.३) |
| ऋतून् | ऋतु (२.३) |
| मनस्वी | मनस्विन् (१.१) |
| तद्गतस् | तद्–गत (√गम् + क्त, १.१) |
| तस्या | तद् (६.१) |
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| हृदि | हृद् (७.१) |
| समर्पितः | समर्पित (√सम्-अर्पय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | म | स्तु | सी | त | या | सा | र्धं |
| वि | ज | हा | र | ब | हू | नृ | तून् |
| म | न | स्वी | त | द्ग | त | स्त | स्या |
| नि | त्यं | हृ | दि | स | म | र्पि | तः |