अन्वयः
वेदपारगा: those learned in vedas, ते ब्राह्मणा: those brahmins, महीपालम् addressing the king, वक्ष्यन्ति will say, राजन् O king, विभण्डकसुतम् son of sage Vibhandaka, Rsyasringa, सर्वोपायै: by all means, इह here, आनय bring.
Summary
Those brahmins versed in the Vedas, said, to 'O king bring here Rsyasringa, son of the sage Vibhandaka by all means'.
पदच्छेदः
| वक्ष्यन्ति | वक्ष्यन्ति (√वच् लृट् प्र.पु. बहु.) |
| ते | तद् (१.३) |
| महीपालं | महीपाल (२.१) |
| ब्राह्मणा | ब्राह्मण (१.३) |
| वेदपारगाः | वेदपारग (१.३) |
| विभाण्डकसुतं | विभाण्डक–सुत (२.१) |
| राजन् | राजन् (८.१) |
| सर्वोपायैर् | सर्व–उपाय (३.३) |
| इहानय | इह (अव्ययः)–आनय (√आ-नी लोट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | क्ष्य | न्ति | ते | म | ही | पा | लं |
| ब्रा | ह्म | णा | वे | द | पा | र | गाः |
| वि | भा | ण्ड | क | सु | तं | रा | ज |
| न्स | र्वो | पा | यै | रि | हा | न | य |