अन्वयः
नित्यम् always, प्रशान्तात्मा one with a calm and serene mind, स: he (Rama), मृदुपूर्वम् gently, भाषते speaks, परुषम् harsh words, उच्यमान: अपि though addressed, उत्तरम् reply, न प्रतिपद्यते does not speak.
Summary
With an unfailing serenity of mind, Rama never paid back harshness with harshness.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| प्रशान्तात्मा | प्रशान्त (√प्र-शम् + क्त)–आत्मन् (१.१) |
| मृदुपूर्वं | मृदु–पूर्वम् (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| भाषते | भाषते (√भाष् लट् प्र.पु. एक.) |
| उच्यमानो | उच्यमान (√वच् + शानच्, १.१) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| परुषं | परुष (२.१) |
| नोत्तरं | न (अव्ययः)–उत्तर (२.१) |
| प्रतिपद्यते | प्रतिपद्यते (√प्रति-पद् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | हि | नि | त्यं | प्र | शा | न्ता | त्मा |
| मृ | दु | पू | र्वं | च | भा | ष | ते |
| उ | च्य | मा | नो | ऽपि | प | रु | षं |
| नो | त्त | रं | प्र | ति | प | द्य | ते |