पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस् | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तया | तद् (३.१) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| प्रियया | प्रिय (३.१) |
| स्त्रीवशं | स्त्री–वश (२.१) |
| गतः | गत (√गम् + क्त, १.१) |
| ताम् | तद् (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महातेजाः | महत्–तेजस् (१.१) |
| कैकेयीम् | कैकेयी (२.१) |
| ईषदुत्स्मितः | ईषत् (अव्ययः)–उत्स्मित (√उत्-स्मि + क्त, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | व | मु | क्त | स्त | या | रा | जा |
| प्रि | य | या | स्त्री | व | शं | ग | तः |
| ता | मु | वा | च | म | हा | ते | जाः |
| कै | के | यी | मी | ष | दु | त्स्मि | तः |