अन्वयः
वने in the forest, दिग्धेन by a poisoned arrow, विद्धाम् struck down, करेणुमिव like a sheelephant, ताम् her, अरण्ये in the forest, महागज: इव like a mighty elephant, स्नेहात् lovingly, परिममर्श caressed.
Summary
Like a mighty sheelephant caressing her cow wounded with a poisoned arrow in the forest, he caressed her lovingly.
पदच्छेदः
| करेणुम् | करेणु (२.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| दिग्धेन | दिग्ध (√दिह् + क्त, ३.१) |
| विद्धां | विद्ध (√व्यध् + क्त, २.१) |
| मृगयुणा | मृगयु (३.१) |
| वने | वन (७.१) |
| महागज | महत्–गज (१.१) |
| इवारण्ये | इव (अव्ययः)–अरण्य (७.१) |
| स्नेहात् | स्नेह (५.१) |
| परिममर्श | परिममर्श (√परि-मृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ताम् | तद् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | रे | णु | मि | व | दि | ग्धे | न |
| वि | द्धां | मृ | ग | यु | णा | व | ने |
| म | हा | ग | ज | इ | वा | र | ण्ये |
| स्ने | हा | त्प | रि | म | म | र्श | ताम् |