अन्वयः
कस्य वा to whom, प्रियम् favour, ते by you, कार्यम् is to be done, केन वा by whom, विप्रियम् displeasure, कृतम् was done, क: who, अद्य now, प्रियम् favour, लभताम् let him obtain, को वा who, सुमहत् exceedingly great, अप्रियम् displeasure (shall obtain).
Summary
On whom do you wish to bestow favour? Who has caused you displeasure? To whom should I grant favour now? To whom should I cause great displeasure?
पदच्छेदः
| कस्य | क (६.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (४.१) |
| प्रियं | प्रिय (१.१) |
| कार्यं | कार्य (१.१) |
| केन | क (३.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| विप्रियं | विप्रिय (१.१) |
| कृतम् | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| कः | क (१.१) |
| प्रियं | प्रिय (२.१) |
| लभताम् | लभताम् (√लभ् लोट् प्र.पु. एक.) |
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| को | क (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| सुमहद् | सु (अव्ययः)–महत् (२.१) |
| अप्रियम् | अप्रिय (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | स्य | वा | ते | प्रि | यं | का | र्यं |
| के | न | वा | वि | प्रि | यं | कृ | तम् |
| कः | प्रि | यं | ल | भ | ता | म | द्य |
| को | वा | सु | म | ह | द | प्रि | यम् |