अन्वयः
समृद्धायाम् in a prosperous, अयोध्यायाम् in the city of Ayodhya, आत्मानम् yourself, अभिषेचय get coronated, नगरी that city, एकवेणीधरा wearing a single braid of hair, त्वाम् you, सम्प्रतीक्षते is awaiting.
Summary
Go back to that prosperous city of Ayodhya and get yourself coronated. That city is a chaste woman wearing a single braid of hair awaiting you, her lord.
पदच्छेदः
| समृद्धायाम् | समृद्ध (√सम्-ऋध् + क्त, ७.१) |
| अयोध्यायाम् | अयोध्या (७.१) |
| आत्मानम् | आत्मन् (२.१) |
| अभिषेचय | अभिषेचय (√अभि-सेचय् लोट् म.पु. ) |
| एकवेणीधरा | एकवेणी–धर (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| नगरी | नगरी (१.१) |
| सम्प्रतीक्षते | सम्प्रतीक्षते (√सम्प्रति-ईक्ष् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | मृ | द्धा | या | म | यो | ध्या | या |
| मा | त्मा | न | म | भि | षे | च | य |
| ए | क | वे | णी | ध | रा | हि | त्वां |
| न | ग | री | सं | प्र | ती | क्ष | ते |