पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| ताम् | तद् (२.१) |
| अभ्यवदद् | अभ्यवदत् (√अभि-वद् लङ् प्र.पु. एक.) |
| विप्रो | विप्र (१.१) |
| वरेप्सुं | वर–ईप्सु (२.१) |
| पुत्रजन्मनि | पुत्र–जन्मन् (७.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| सा | तद् (१.१) |
| गृहम् | गृह (२.१) |
| आगम्य | आगम्य (√आ-गम् + ल्यप्) |
| देवी | देवी (१.१) |
| पुत्रं | पुत्र (२.१) |
| व्यजायत | व्यजायत (√वि-जन् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | ता | म | भ्य | व | द | द्वि | प्रो |
| व | रे | प्सुं | पु | त्र | ज | न्म | नि |
| त | तः | सा | गृ | ह | मा | ग | म्य |
| दे | वी | पु | त्रं | व्य | जा | य | त |