अन्वयः
असमञ्जः Asamanja, सगरस्य Sagara's, पुत्रः son, अभूत् became, इति thus, नः for us, श्रुतम् heard, पापकर्मकृत् one who indulged in sinful deeds, सः he, जीवन्नेव while he was living in the kingdom, पित्रा by father, निरस्तः banished.
Summary
We have heard that a son, Asamanja by name, was born to Sagara. For his sinful deeds he was banished by his father while he was still alive.
पदच्छेदः
| असमञ्जस् | असमञ्ज (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| पुत्रो | पुत्र (१.१) |
| ऽभूत् | अभूत् (√भू प्र.पु. एक.) |
| सगरस्येति | सगर (६.१)–इति (अव्ययः) |
| नः | मद् (६.३) |
| श्रुतम् | श्रुत (√श्रु + क्त, १.१) |
| जीवन्न् | जीवत् (√जीव् + शतृ, १.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| पित्रा | पितृ (३.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| निरस्तः | निरस्त (√निः-अस् + क्त, १.१) |
| पापकर्मकृत् | पाप–कर्मन्–कृत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | स | म | ञ्ज | स्तु | पु | त्रो | ऽभू |
| त्स | ग | र | स्ये | ति | नः | श्रु | तम् |
| जी | व | न्ने | व | स | पि | त्रा | तु |
| नि | र | स्तः | पा | प | क | र्म | कृत् |