अन्वयः
ततः then, सः he, वराहः in the form of a boar, भूत्वा becoming, वसुन्धराम् this earth, प्रोज्जहार uplifted, कृतात्मभिः by purified souls, पुत्रैः सह with sons, जगत् the world, असृजच्छ created.
Summary
Then he assumed the form of a boar and uplifted the earth and created this world with his progeny of purified souls.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| वराहस् | वराह (१.१) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| भूत्वा | भूत्वा (√भू + क्त्वा) |
| प्रोज्जहार | प्रोज्जहार (√प्रोत्-हृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| वसुंधराम् | वसुंधरा (२.१) |
| असृजच् | असृजत् (√सृज् लङ् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| जगत् | जगन्त् (२.१) |
| सर्वं | सर्व (२.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| पुत्रैः | पुत्र (३.३) |
| कृतात्मभिः | कृतात्मन् (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | व | रा | ह | स्त | तो | भू | त्वा |
| प्रो | ज्ज | हा | र | व | सुं | ध | राम् |
| अ | सृ | ज | च्च | ज | ग | त्स | र्वं |
| स | ह | पु | त्रैः | कृ | ता | त्म | भिः |