अन्वयः
धनहीन: poor, द्विजः यथा like a brahmin, अनाहारः starve, निरालोकः without seeing the light (of the day), शालायाः of the hut, पुरस्तात् in front of, यावत् till such time, न प्रतियास्यति does not return, शेष्ये I shall lie down.
Summary
Like a poor brahmin, starving, my face muffled, I shall lie down in front of the hut until he agrees to return.
पदच्छेदः
| अनाहारो | अनाहार (१.१) |
| निरालोको | निरालोक (१.१) |
| धनहीनो | धन–हीन (√हा + क्त, १.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| द्विजः | द्विज (१.१) |
| शेष्ये | शेष्ये (√शी लृट् उ.पु. ) |
| पुरस्ताच् | पुरस्तात् (अव्ययः) |
| छालाया | शाला (५.१) |
| यावन् | यावत् (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| प्रतियास्यति | प्रतियास्यति (√प्रति-या लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ना | हा | रो | नि | रा | लो | को |
| ध | न | ही | नो | य | था | द्वि | जः |
| शे | ष्ये | पु | र | स्ता | च्छा | ला | या |
| या | व | न्न | प्र | ति | या | स्य | ति |