अन्वयः
रामः Rama, तेषाम् their, वचनम् words, आज्ञाय having understood, वचनम् words, अब्रवीत् said, धर्मचक्षुषाम् through righteous vision, सुहृदाम् friends, एवम् in this way, वचनम् words, निबोध understand.
Summary
Having understood their words, Rama said to him, 'Listen to the words of our friends who have a righteous vision.'
पदच्छेदः
| तेषाम् | तद् (६.३) |
| आज्ञाय | आज्ञाय (√आ-ज्ञा + ल्यप्) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| रामो | राम (१.१) |
| वचनम् | वचन (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| निबोध | निबोध (√नि-बुध् लोट् म.पु. ) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| सुहृदां | सुहृद् (६.३) |
| धर्मचक्षुषाम् | धर्म–चक्षुस् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | षा | मा | ज्ञा | य | व | च | नं |
| रा | मो | व | च | न | म | ब्र | वीत् |
| ए | वं | नि | बो | ध | व | च | नं |
| सु | हृ | दां | ध | र्म | च | क्षु | षाम् |