अन्वयः
मया by me, वनवासे in the matter of living in the forest, जुगुप्सितः reprehensible, उपधिः placing a substitute, न कार्यः shall not be done, कैकेय्या by Kaikeyi, युक्तम् rightly, उक्तम् spoken, मे पित्रा by my father, सुकृतम् good deed, कृतम् has been done.
Summary
As far as living in the forest is concerned it is reprehensible to keep a subsitute for me and it shall not be done. Kaikeyi has acted rightfully and my father has taken the proper decision.
पदच्छेदः
| उपधिर् | उपधि (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| मया | मद् (३.१) |
| कार्यो | कार्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| वनवासे | वन–वास (७.१) |
| जुगुप्सितः | जुगुप्सित (१.१) |
| युक्तम् | युक्त (१.१) |
| उक्तं | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| कैकेय्या | कैकेयी (३.१) |
| पित्रा | पितृ (३.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| सुकृतं | सुकृत (१.१) |
| कृतम् | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | प | धि | र्न | म | या | का | र्यो |
| व | न | वा | से | जु | गु | प्सि | तः |
| यु | क्त | मु | क्तं | च | कै | के | य्या |
| पि | त्रा | मे | सु | कृ | तं | कृ | तम् |