अन्वयः
भरतम् Bharata, क्षान्तम् a man of forbearance, गुरुसत्कारकारिणम् honours elders, जानामि I know, सत्यसन्धे true to his word, महात्मनि great, अत्र for him, सर्वमेव everything, कल्याणम् will be auspicious.
Summary
I know Bharata as a man of forbearance and one who honours elders. Everything will turn out well for this great soul wedded to truth.
पदच्छेदः
| जानामि | जानामि (√ज्ञा लट् उ.पु. ) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| क्षान्तं | क्षान्त (√क्षम् + क्त, २.१) |
| गुरुसत्कारकारिणम् | गुरु–सत्कार–कारिन् (२.१) |
| सर्वम् | सर्व (१.१) |
| एवात्र | एव (अव्ययः)–अत्र (अव्ययः) |
| कल्याणं | कल्याण (१.१) |
| सत्यसंधे | सत्य–संधा (७.१) |
| महात्मनि | महात्मन् (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| जा | ना | मि | भ | र | तं | क्षा | न्तं |
| गु | रु | स | त्का | र | का | रि | णम् |
| स | र्व | मे | वा | त्र | क | ल्या | णं |
| स | त्य | सं | धे | म | हा | त्म | नि |