अन्वयः
वनात् from the forest, पुनः again, प्रत्यागतः when returned, धर्मशीलेन of virtuous conduct, अनेन भ्रात्रा सह along with this brother, पृथिव्याः of the earth, उत्तमः supreme, पतिः lord, भविष्यामि I shall become.
Summary
On returning from the forest, I shall become the supreme lord of this earth along with this virtuous brother.
पदच्छेदः
| अनेन | इदम् (३.१) |
| धर्मशीलेन | धर्म–शील (३.१) |
| वनात् | वन (५.१) |
| प्रत्यागतः | प्रत्यागत (√प्रत्या-गम् + क्त, १.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| भ्रात्रा | भ्रातृ (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| भविष्यामि | भविष्यामि (√भू लृट् उ.पु. ) |
| पृथिव्याः | पृथिवी (६.१) |
| पतिर् | पति (१.१) |
| उत्तमः | उत्तम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ने | न | ध | र्म | शी | ले | न |
| व | ना | त्प्र | त्या | ग | तः | पु | नः |
| भ्रा | त्रा | स | ह | भ | वि | ष्या | मि |
| पृ | थि | व्याः | प | ति | रु | त्त | मः |