अन्वयः
नरव्याघ्रः the best of men, सुमहातेजाः of great brilliance, सः that Rama, पादुके sandals, अधिरुह्य putting on, अवरुह्य च putting off, महात्मने to the magnanimous, भरताय to Bharata, प्रायच्छत् gave.
Summary
Rama, the best of men, one with great brilliance, put on and then put off the sandals and presented them to the magnanimous Bharata.
पदच्छेदः
| सो | तद् (१.१) |
| ऽधिरुह्य | अधिरुह्य (√अधि-रुह् + ल्यप्) |
| नरव्याघ्रः | नर–व्याघ्र (१.१) |
| पादुके | पादुका (२.२) |
| ह्य् | हि (अव्ययः) |
| अवरुह्य | अवरुह्य (√अव-रुह् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| प्रायच्छत् | प्रायच्छत् (√प्र-यम् लङ् प्र.पु. एक.) |
| सुमहातेजा | सु (अव्ययः)–महत्–तेजस् (१.१) |
| भरताय | भरत (४.१) |
| महात्मने | महात्मन् (४.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सो | ऽधि | रु | ह्य | न | र | व्या | घ्रः |
| पा | दु | के | ह्य | व | रु | ह्य | च |
| प्रा | य | च्छ | त्सु | म | हा | ते | जा |
| भ | र | ता | य | म | हा | त्म | ने |