अन्वयः
ततः thereafter, क्षिप्रम् quickly, दशग्रीववधैषिणः men desiring the destruction of tenheaded Ravana, ऋषिगणाः hosts of rishis, राजशार्दूलम् best of kings, भरतम् Bharata, इति thus, वचः words, ऊचुः uttered.
Summary
Thereafter hosts of rishis desiring the speedy destruction of tenheaded Ravana said these words to Bharata, the best of kings.
पदच्छेदः
| ततस् | ततस् (अव्ययः) |
| त्व् | तु (अव्ययः) |
| ऋषिगणाः | ऋषि–गण (१.३) |
| क्षिप्रं | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| दशग्रीववधैषिणः | दशग्रीव–वध–एषिन् (१.३) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| राजशार्दूलम् | राजन्–शार्दूल (२.१) |
| इत्य् | इति (अव्ययः) |
| ऊचुः | ऊचुः (√वच् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| संगता | संगत (√सम्-गम् + क्त, १.३) |
| वचः | वचस् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त | स्त्वृ | षि | ग | णाः | क्षि | प्रं |
| द | श | ग्री | व | व | धै | षि | णः |
| भ | र | तं | रा | ज | शा | र्दू | ल |
| मि | त्यू | चुः | सं | ग | ता | व | चः |