अन्वयः
वसिष्ठः Vasistha, वामदेवश्च Vamadeva, दृढव्रतः of rigid penance, जाबालिश्च Jabali, मन्त्रपूजिताः honoured for their counselling, सर्वे मन्त्रिणः all the ministers, अग्रतः in the forefront, प्रययुः proceeded.
Summary
Vasishta, Vamadeva, Jabali of rigorous penance and all the ministers honoured for their counsel proceeded ahead.
पदच्छेदः
| वसिष्ठो | वसिष्ठ (१.१) |
| वामदेवश् | वामदेव (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| जाबालिश् | जाबालि (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| दृढव्रतः | दृढ–व्रत (१.१) |
| अग्रतः | अग्रतस् (अव्ययः) |
| प्रययुः | प्रययुः (√प्र-या लिट् प्र.पु. बहु.) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| मन्त्रिणो | मन्त्रिन् (१.३) |
| मन्त्रपूजिताः | मन्त्र–पूजित (√पूजय् + क्त, १.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| व | सि | ष्ठो | वा | म | दे | व | श्च |
| जा | बा | लि | श्च | दृ | ढ | व्र | तः |
| अ | ग्र | तः | प्र | य | युः | स | र्वे |
| म | न्त्रि | णो | म | न्त्र | पू | जि | ताः |