अन्वयः
अयोध्यायाम् In Ayodhya, अद्य now, यथापुरम् as in the past, गम्भीरः deep, मूर्छितः allpervasive, गीतवादित्रनिस्वनः songs and sounds of musical instruments, न निशम्यते are not heard, किं नु खलु what could be the reason?
Summary
How is it that in Ayodhya, the deep and allpervasive songs and sounds of musical instruments of the former days are not heard now?
पदच्छेदः
| किं | किम् (अव्ययः) |
| नु | नु (अव्ययः) |
| खल्व् | खलु (अव्ययः) |
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| गम्भीरो | गम्भीर (१.१) |
| मूर्छितो | मूर्छित (√मूर्छय् + क्त, १.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| निशम्यते | निशम्यते (√नि-शम् प्र.पु. एक.) |
| यथापुरम् | यथापुरम् (अव्ययः) |
| अयोध्यायां | अयोध्या (७.१) |
| गीतवादित्रनिःस्वनः | गीत–वादित्र–निःस्वन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| किं | नु | ख | ल्व | द्य | ग | म्भी | रो |
| मू | र्छि | तो | न | नि | श | म्य | ते |
| य | था | पु | र | म | यो | ध्या | यां |
| गी | त | वा | दि | त्र | निः | स्व | नः |