अन्वयः
गोवृषेण by a bull, परित्यक्ताम् forsaken, उत्सुकाम् longing (for the bull), गवाम् of cows, गोष्ठमध्ये in the midst of the herd, स्थिताम् standing, आर्ताम् despaired, नवं new, तृणम् grass, अचरन्तीं no longer grazing, पक्तिमिव like a cow.
Summary
the midst of the herd despairs and no longer grazes the new grass.
पदच्छेदः
| गोष्ठमध्ये | गोष्ठ–मध्ये (अव्ययः) |
| स्थिताम् | स्थित (√स्था + क्त, २.१) |
| आर्ताम् | आर्त (२.१) |
| अचरन्तीं | अचरत् (२.१) |
| नवं | नव (२.१) |
| तृणम् | तृण (२.१) |
| गोवृषेण | गो–वृष (३.१) |
| परित्यक्तां | परित्यक्त (√परि-त्यज् + क्त, २.१) |
| गवां | गो (६.३) |
| पत्नीम् | पत्नी (२.१) |
| इवोत्सुकाम् | इव (अव्ययः)–उत्सुक (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| गो | ष्ठ | म | ध्ये | स्थि | ता | मा | र्ता |
| म | च | र | न्तीं | न | वं | तृ | णम् |
| गो | वृ | षे | ण | प | रि | त्य | क्तां |
| ग | वां | प | त्नी | मि | वो | त्सु | काम् |