अन्वयः
महायशाः illustrious, सः भरतः that Bharata, दीनः lonely, एवम् in this way, विलपन् lamenting, दुःखितः in grief, मन्त्रिभिस्सह along with the counsellors, नन्दिग्रामे from Nandigrama, राज्यम् kingdom, अकरोत् ruled.
Summary
Thus lamenting in desolation and grief, the illustrious Bharata lived in Nandigrama along with his counsellors and started ruling the kingdom.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| विलपन् | विलपत् (√वि-लप् + शतृ, १.१) |
| दीनो | दीन (१.१) |
| भरतः | भरत (१.१) |
| स | तद् (१.१) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
| नन्दिग्रामे | नन्दिग्राम (७.१) |
| ऽकरोद् | अकरोत् (√कृ लङ् प्र.पु. एक.) |
| राज्यं | राज्य (२.१) |
| दुःखितो | दुःखित (१.१) |
| मन्त्रिभिः | मन्त्रिन् (३.३) |
| सह | सह (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | तु | वि | ल | प | न्दी | नो |
| भ | र | तः | स | म | हा | य | शाः |
| न | न्दि | ग्रा | मे | ऽक | रो | द्रा | ज्यं |
| दुः | खि | तो | म | न्त्रि | भिः | स | ह |