अन्वयः
महात्मनः of the great soul, भरतस्य Bharata's, शुभम् auspicious, एतत् these, वाक्यम् words, श्रुत्वा on hearing, सर्वे all, मन्त्रिणः counsellors, पुरोहितः the priest, वसिष्ठश्च also, अब्रुवन् spoke.
Summary
Hearing the auspicious words of the magnanimous Bharata, sage Bharadwaja said to him in words still more auspicious.
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| रामकथां | राम–कथा (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| मारीचस्य | मारीच (६.१) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| ते | तद् (१.३) |
| मन्त्रिणः | मन्त्रिन् (१.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| संदिश्य | संदिश्य (√सम्-दिश् + ल्यप्) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| पुरोहितम् | पुरोहित (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | त | च्छ्रु | त्वा | शु | भं | वा | क्यं |
| भ | र | त | स्य | म | हा | त्म | नः |
| अ | ब्रु | व | न्म | न्त्रि | णः | स | र्वे |
| व | सि | ष्ठ | श्च | पु | रो | हि | तः |