अन्वयः
बीभत्सैः in distorted appearance, क्रूरैः by cruel, भीषणकैरपि by frightening, नानारूपैः in various forms, विरूपैश्च by deformaed appearance, विकृतदर्शनैः detestable looks, रूपैः in forms, दर्शयन्ति they exhibit.
Summary
They appear in various distorted forms now rapacious, now fearful, now deformed.
पदच्छेदः
| दर्शयन्ति | दर्शयन्ति (√दर्शय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| बीभत्सैः | बीभत्स (३.३) |
| क्रूरैर् | क्रूर (३.३) |
| भीषणकैर् | भीषणक (३.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| नानारूपैर् | नाना (अव्ययः)–रूप (३.३) |
| विरूपैश् | विरूप (३.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| रूपैर् | रूप (३.३) |
| असुखदर्शनैः | असुख–दर्शन (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| द | र्श | य | न्ति | हि | बी | भ | त्सैः |
| क्रू | रै | र्भी | ष | ण | कै | र | पि |
| ना | ना | रू | पै | र्वि | रू | पै | श्च |
| रू | पै | र | सु | ख | द | र्श | नैः |