अन्वयः
अनार्याः the wicked rakshasas, पुरतः in front of, स्थिताः standing, तापसान् ascetics, अप्रशस्तै: forbidden, अशुचिभिः dirty things, सम्प्रयोज्य employing, अपरान् some other ascetics, प्रतिघ्नन्ति are killing.
Summary
Those wicked rakshasas employ forbidden and dirty means against ascetics and kill them by suddenly appearing in front of them.
पदच्छेदः
| अप्रशस्तैर् | अप्रशस्त (३.३) |
| अशुचिभिः | अशुचि (३.३) |
| संप्रयोज्य | संप्रयोज्य (√संप्र-योजय् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| तापसान् | तापस (२.३) |
| प्रतिघ्नन्त्य् | प्रतिघ्नन्ति (√प्रति-हन् लट् प्र.पु. बहु.) |
| अपरान् | अपर (२.३) |
| क्षिप्रम् | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| अनार्याः | अनार्य (१.३) |
| पुरतः | पुरतस् (अव्ययः) |
| स्थिताः | स्थित (√स्था + क्त, १.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | प्र | श | स्तै | र | शु | चि | भिः |
| सं | प्र | यो | ज्य | च | ता | प | सान् |
| प्र | ति | घ्न | न्त्य | प | रा | न्क्षि | प्र |
| म | ना | र्याः | पु | र | तः | स्थि | तः |