अन्वयः
वः to you, शुश्रूषमाणा engaged in serving, मयि in me, शुश्रूषणपरा devoted to service, सीता by Sita, प्रमदाभ्युचिताम् befitting a woman, वृत्तिम् conduct, युक्तम् properly, न वर्तते कच्छित् is not following.
Summary
Has Sita devoted in her service to me and engaged in serving you failed to follow the conduct befitting a woman?
पदच्छेदः
| कच्चिच्छुश्रूषमाणा | कच्चित् (अव्ययः)–शुश्रूषमाण (√शुश्रूष् + शानच्, १.१) |
| वः | त्वद् (२.३) |
| शुश्रूषणपरा | शुश्रूषण–पर (१.१) |
| मयि | मद् (७.१) |
| प्रमदाभ्युचितां | प्रमदा–अभ्युचित (२.१) |
| वृत्तिं | वृत्ति (२.१) |
| सीता | सीता (१.१) |
| युक्तं | युक्त (२.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| वर्तते | वर्तते (√वृत् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | च्चि | च्छु | श्रू | ष | मा | णा | वः |
| शु | श्रू | ष | ण | प | रा | म | यि |
| प्र | म | दा | भ्यु | चि | तां | वृ | त्तिं |
| सी | ता | यु | क्तं | न | व | र्त | ते |