पदच्छेदः
| दशवर्षसहस्राणि | दशन्–वर्ष–सहस्र (२.३) |
| यया | यद् (३.१) |
| तप्तं | तप्त (√तप् + क्त, १.१) |
| महत् | महत् (१.१) |
| तपः | तपस् (१.१) |
| अनसूयाव्रतैस् | अनसूया–व्रत (३.३) |
| तात | तात (८.१) |
| प्रत्यूहाश् | प्रत्यूह (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| निबर्हिताः | निबर्हित (√नि-बर्हय् + क्त, १.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| द | श | व | र्ष | स | ह | स्रा | णि |
| य | या | त | प्तं | म | ह | त्त | पः |
| अ | न | सू | या | व्र | तै | स्ता | त |
| प्र | त्यू | हा | श्च | नि | ब | र्हि | ताः |