अन्वयः
आर्ये O noble lady, एषः मम भर्ता my husband, वृत्तवर्जितः devoid of good conduct, यद्यपि भवेत् even if it happens, तथापि even then, एषः he, मया by me, अद्वैधम् without hesitation, उपचर्तव्यः should be obeyed.
Summary
O noble lady, even if my husband is devoid of good conduct, he should be obeyed without showing any hesitation.
पदच्छेदः
| यद्य् | यदि (अव्ययः) |
| अप्य् | अपि (अव्ययः) |
| एष | एतद् (१.१) |
| भवेद् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| भर्ता | भर्तृ (१.१) |
| ममार्ये | मद् (६.१)–आर्य (८.१) |
| वृत्तवर्जितः | वृत्त–वर्जित (√वर्जय् + क्त, १.१) |
| अद्वैधम् | अद्वैध (२.१) |
| उपचर्तव्यस् | उपचर्तव्य (√उप-चर् + कृत्, १.१) |
| तथाप्य् | तथा (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| एष | एतद् (१.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| भवेत् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | द्य | प्ये | ष | भ | वे | द्भ | र्ता |
| म | मा | र्ये | वृ | त्त | व | र्जि | तः |
| अ | द्वै | ध | मु | प | व | र्त | व्य |
| स्त | था | प्ये | ष | म | या | भ | वेत् |