अन्वयः
ततः then, तत्र there, सत्याभिसन्धिना by one steadfast in truth, पित्रा by my father, उत्तमम् pure, जलभाजनम् watervessel, उद्यम्य having raised, अहम् I, रामाय to Rama , दातुम् to give, निश्चिता decided.
M N Dutt
Then raising an excellent vessel of water, my truthful father prepared to bestow me on Rāghava.
Summary
Then, my father steadfast in truth, held a vessel of pure water and declared his decision to offer me to Rama.
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| ऽहं | मद् (१.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| रामाय | राम (४.१) |
| पित्रा | पितृ (३.१) |
| सत्याभिसंधिना | सत्य–अभिसंधि (३.१) |
| उद्यता | उद्यत (√उत्-यम् + क्त, १.१) |
| दातुम् | दातुम् (√दा + तुमुन्) |
| उद्यम्य | उद्यम्य (√उत्-यम् + ल्यप्) |
| जलभाजनम् | जल–भाजन (२.१) |
| उत्तमम् | उत्तम (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | ऽहं | त | त्र | रा | मा | य |
| पि | त्रा | स | त्या | भि | सं | धि | ना |
| उ | द्य | ता | दा | तु | मु | द्य | म्य |
| ज | ल | भा | ज | न | मु | त्त | मम् |